अगर सुखी है आप तो , किसी दुखी से मिलिए
फटे हाल हो वह अगर, कपड़े उसके सिलियें
भूखे को कुछ खाना दे दे , प्यासे को कुछ पानी
सुखी रोटी खाकर देखें , लगती है बिरयानी
अगर किसी का हाथ बटा दे, वह राहत पा जायेगा
मीठे सपने वह देखेंगा, मजा आपको आयेगा
कहे " सतीश " सच्चा सुख तो, सेवा से ही मिलता है
मगेर छोड़ दो मंसूबा की बाद में मेवा मिलता है
6 comments:
kya khoob kahi
हिन्दी चिट्ठाजगत में इस नये चिट्ठे का एवं चिट्ठाकार का हार्दिक स्वागत है.
मेरी कामना है कि यह नया कदम जो आपने उठाया है वह एक बहुत दीर्घ, सफल, एवं आसमान को छूने वाली यात्रा निकले. यह भी मेरी कामना है कि आपके चिट्ठे द्वारा बहुत लोगों को प्रोत्साहन एवं प्रेरणा मिल सके.
हिन्दी चिट्ठाजगत एक स्नेही परिवार है एवं आपको चिट्ठाकारी में किसी भी तरह की मदद की जरूरत पडे तो बहुत से लोग आपकी मदद के लिये तत्पर मिलेंगे.
शुभाशिष !
-- शास्त्री (www.Sarathi.info)
एक अनुरोध -- कृपया वर्ड-वेरिफिकेशन का झंझट हटा दें. इससे आप जितना सोचते हैं उतना फायदा नहीं होता है, बल्कि समर्पित पाठकों/टिप्पणीकारों को अनावश्यक परेशानी होती है. हिन्दी के वरिष्ठ चिट्ठाकारों में कोई भी वर्ड वेरिफिकेशन का प्रयोग नहीं करता है, जो इस बात का सूचक है कि यह एक जरूरी बात नहीं है.
वर्ड वेरिफिकेशन हटाने के लिये निम्न कार्य करें: ब्लागस्पाट के अंदर जाकर --
Dahboard --> Setting --> Comments -->Show word verification for comments?
Select "No" and save!!
बस हो गया काम !!
हिन्दी चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है. नियमित लेखन के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाऐं.
वर्ड वेरिपिकेशन हटा लें तो टिप्पणी करने में सुविधा होगी. बस एक निवेदन है.
तरीका महाचिट्ठाकार शास्त्री जी ने बता ही दिया है हटाने का.
नए चिट्ठे के साथ आपका स्वागत है........आशा करती हूं कि आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिट्ठाजगत को मजबूती देंगे........ बहुत बहुत धन्यवाद।
ब्लागजगत में आपका स्वागत है। अच्छा लिखा है। नियमित लिखें। उड़नतश्तरी जी की टिप्पढ़ीं पर गौर फरमाएं।
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